राजनीति

छत्तीसगढ़ कांग्रेस: 20 नेताओं का निष्कासन रद्द, 16 पर मंथन जारी

छत्तीसगढ़ कांग्रेस पार्टी से बाहर निकाले गए 20 नेताओं का निष्कासन रद्द कर दिया गया है। शनिवार को हुई अनुशासन समिति की बैठक में 36 निष्कासित नेताओं की घर वापसी पर विचार हुआ। जिनका निष्कासन रद्द किया गया है, उनमें कुकरेजा-डोंगरे समेत कई नेता शामिल हैं। बाकी बचे 16 नेताओं के निष्कासन पर मंथन अभी जारी है। इनमें अमित जोगी, रेणु जेगी और बृहस्पति सिंह शामिल हैं।

आदेश के बाद सभी संबंधित नेताओं के लिए पार्टी में दोबारा सक्रिय होने का रास्ता खुल गया है। पहली सूची में रायपुर, राजनांदगांव और मुंगेली के नेता शामिल हैं। रायपुर से आनंद कुकरेजा, पूनम पांडेय और विशाल रजानी का निष्कासन रद्द किया गया है। वहीं, मुंगेली से पार्षद विनय चोपड़ा को भी राहत दी गई है।

गरियाबंद जिले से गोरेलाल सिन्हा, राधोवा महाड़िक, भविष्य प्रधान, ऋतिक सिन्हा और भानुप्रताप साहू का निष्कासन रद्द किया गया है। कोंडागांव से सुशील सोनी का नाम सूची में शामिल है। राजनांदगांव जिले के सबसे ज्यादा नेताओं को इस फैसले से राहत मिली है। यहां सगीर खान, सिद्धार्थ डोंगरे, राजेश गुप्ता, जितेश सिमनकर, सकूर चौहान, सुनीता सिन्हा, आशीष सोनकर और शशांक डोंगरे का निष्कासन रद्द किया गया है। इसके अलावा अंजू बंजारे और श्यामबती सिन्हा के नाम भी सूची में शामिल हैं।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अनुशासन समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार संबंधित कांग्रेसजनों का निष्कासन तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाता है। प्रभारी महामंत्री (संगठन एवं प्रशासन) मलकीत सिंह गैदू की ओर से आदेश जारी किया गया है। पार्टी की ओर से जारी यह पहली सूची है।

इससे पहले अलग-अलग कारणों से निष्कासित किए गए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को संगठन में वापस लेने की प्रक्रिया के तहत यह कार्रवाई की गई है। आदेश के बाद इन नेताओं की पार्टी संगठन में दोबारा सक्रिय भूमिका को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

इससे जुड़ी खबर के अनुसार, कांग्रेस में 36 नेताओं की वापसी पर मंथन हुआ। राजीव भवन में कांग्रेस की अनुशासन समिति की बैठक में पार्टी से निष्कासित नेताओं की वापसी के 36 आवेदनों पर चर्चा हुई। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की मौजूदगी में हुई बैठक में विधानसभा और निकाय चुनाव के दौरान की गई अनुशासनात्मक कार्रवाइयों की भी समीक्षा की गई।

बैठक में अमित जोगी, रेणु जोगी और बृहस्पति सिंह के आवेदनों को दरकिनार किया गया, जबकि बाकी मामलों पर फैसला सुरक्षित रखा गया।

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