छत्तीसगढ़ में सड़कों पर छोड़े गए मवेशियों पर सख्ती, 12 अंकों की डिजिटल टैगिंग से होगी पहचान

छत्तीसगढ़ में सड़कों पर गाय-बैल-भैंस छोड़ने वाले पशु मालिकों के लिए खबर है। सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों से होने वाले हादसों को रोकने और पशु मालिकों की जवाबदेही तय करने के लिए छत्तीसगढ़ में नगरीय प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है।
इस संबंध में मवेशियों की 12 अंकों की डिजिटल टैगिंग से पहचान की जाएगी। इससे सड़कों पर छोड़े गए मवेशियों के मालिकों की पहचान करना संभव होगा।
यह नियम सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सख्त किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छत्तीसगढ़ में नगरीय प्रशासन ने इस दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है।
सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों से होने वाले हादसों को रोकना और पशु मालिकों की जवाबदेही तय करना इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य है।
डिजिटल टैगिंग के जरिए मवेशियों की पहचान होने से यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन सा मवेशी किस मालिक का है। इससे सड़कों पर मवेशी छोड़ने वाले मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।
नगरीय प्रशासन की ओर से की जा रही इस कार्रवाई के तहत 12 अंकों की डिजिटल टैगिंग की व्यवस्था लागू की जा रही है।
गौरतलब है कि सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों की वजह से हादसों की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिसे देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में छत्तीसगढ़ में नगरीय प्रशासन ने मवेशियों की डिजिटल टैगिंग और पशु मालिकों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है।




