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उप प्राचार्या संगीता भाई बोलीं: ‘जश शिक्षा संवाद’ प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाएगी

जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), जशपुर ने प्राथमिक शिक्षा के संवर्धन, नवाचारों के प्रभावी दस्तावेजीकरण और अकादमिक विमर्श को गति प्रदान करने के लिए अपनी मासिक शैक्षिक पत्रिका ‘जश शिक्षा संवाद’ का शुभारंभ किया है। इस पत्रिका के प्रथम अंक का औपचारिक विमोचन हाल ही में संस्थान की उप प्राचार्या संगीता भाई और वरिष्ठ अकादमिक सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ।

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‘जश शिक्षा संवाद’ का प्रकाशन ‘लैंग्वेज एंड लर्निंग फाउंडेशन’ (LLF) के तकनीकी और अकादमिक सहयोग से किया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य जिले के सुदूर अंचलों में कार्यरत शिक्षकों, अकादमिक संदर्भदाताओं और विद्यार्थियों के साझा प्रयासों को एक मंच पर लाना है। यह पत्रिका धरातल पर क्रियान्वित हो रहे श्रेष्ठ शैक्षणिक नवाचारों और रणनीतियों को संकलित कर उनका व्यापक प्रसार सुनिश्चित करेगी।

उप प्राचार्या संगीता भाई ने इस अवसर पर कहा कि यह एक चिंतनशील प्रयास है जो जिले की प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने में सहायक सिद्ध होगा। पत्रिका के माध्यम से जमीनी स्तर पर हो रहे सकारात्मक बदलावों और सफल प्रयोगों को पहचान मिलेगी, जिससे अन्य शिक्षक भी प्रेरित हो सकेंगे।

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पत्रिका के प्रथम अंक में कई महत्वपूर्ण अकादमिक बिंदु और आकर्षण शामिल हैं। इसमें प्राचार्य DIET का एक प्रेरक संदेश है, जो शिक्षकों और अकादमिक संवर्ग के उत्साहवर्धन हेतु आधारभूत शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार पर केंद्रित है। इसके अतिरिक्त, जिले में किए गए भाषाई सर्वेक्षण के परिणाम भी प्रस्तुत किए गए हैं, जो बच्चों की घरेलू भाषा और कक्षा की माध्यम भाषा के अंतर को समझकर प्रभावी शिक्षण रणनीतियाँ तैयार करने में मदद करेंगे।

प्रथम अंक में सादरी भाषा में शिक्षण अधिगम सामग्री (TLM) के निर्माण की प्रक्रिया और परिणामों का भी विस्तृत विवरण है। यह स्थानीय भाषाई परिवेश को ध्यान में रखकर बच्चों की सीखने की नींव मजबूत करने पर केंद्रित है। साथ ही, जिला स्रोत समूह (DRG) के क्षमतावर्धन हेतु आयोजित कार्यशाला, प्रशिक्षण रूपरेखा और भविष्य की कार्ययोजना की रूपरेखा भी इसमें शामिल है, जिसका उद्देश्य अकादमिक नेतृत्व को सशक्त बनाना है।

पत्रिका में बगीचा एवं कुनकुरी विकासखंड की गतिविधियों का भी संकलन किया गया है, जिसमें ब्लॉक स्तर पर संचालित नवाचार, कौशल अभ्यास प्रतियोगिताएँ और कक्षा-कक्षीय प्रक्रियाओं में आए सकारात्मक बदलावों को दर्शाया गया है।

संस्थान ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह पत्रिका न केवल जिले की शैक्षणिक उपलब्धियों का प्रतिवेदन बनेगी, बल्कि प्राथमिक शिक्षा से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श और साक्ष्य-आधारित समाधान प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम भी सिद्ध होगी। DIET जशपुर ने इस मासिक पत्रिका का नियमित प्रकाशन सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है, जिससे जिले के शैक्षणिक परिदृश्य को निरंतर नई दिशा मिल सके।

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