
जशपुरनगर। चुनाव आयोग इस बात को सुनिश्चित करेगा कि एसआईआर (मतदाता सूची का पुर्निरीक्षण) के कारण किसी विशेष सामाजिक समूह या क्षेत्र की विशेष संख्या राजनीतिक रूप से असंतुलित ना हो। मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार सम्हालने के बाद ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में जितने भी चुनाव देश में हुए,उनकी निष्पक्षता को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। लेकिन आयोग की ओर से अब तक देश के मतदाताओं को आश्वस्त करने वाला कोई जवाब नहीं दिया गया है। इस कारण कांग्रेस सहित पूरा विपक्ष संसद से लेकर सड़क तक आंदोलन करने के लिए मजबूर है। कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष ताहिर अली ने उक्त बातें कही। कुनकुरी में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होनें कहा कि चुनाव आयोग एक सांवैधानिक संस्था है। इसकी निष्पक्षता ही इस आयोग का आधार और पहचान है। लेकिन ज्ञानेश कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यभार सम्हालने के साथ ही लोकतंत्र का मुख्य आधार स्तंभ चुनाव आयोग की शाख दांव पर लगी हुई है। इस पर कंेंद्र सरकार पूरी तरह से चुप्पी साधी हुई है। ताहिर अली ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि मतदाता का नाम मतदाता सूचि से विलोपित करने से पहले संबंधित को उसका पक्ष प्रस्तुत करने का पूरा मौका मिलना चाहिए। सिर्फ दस्तावेज ना होने के कारण किसी को मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि जशपुर जैसे आदिवासी बाहुल्य जिले के मतदाताओं के पास दस्तावेजों की कमी हो सकती है। जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष श्री ताहिर अली ने पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। पत्रकारवार्ता में कुनकुरी ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री वाल्टर कुजूर, पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री मनोज सागर यादव, जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री श्री दिलीप जैन, मंडल अध्यक्ष श्री मोनू अग्रवाल, मंडल प्रभारी श्री शेखर यादव, श्री इमरान ख़ान (पार्षद) सहित कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कांग्रेस ने सीईई से पूछे सात सवाल –
पत्रकारवार्ता में उपाध्यक्ष ताहिर अली ने मुख्य चुनाव आयुक्त से सात सवाल पूछते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को देश के मतदाताओं को बताना चाहिए चुनाव आयोग द्वारा करवाये जा रहे एसआईआर का आधार क्या है? देश में इस प्रक्रिया के अंर्तगत अब तक कितने नाम हटाएं जा चुके हैं और इनका आधार क्या है? जिनके नाम हटाएं गए हैं उन्हें कितनी बार और किस तरह से सुनवाई का अवसर दिया गया है। विलोपन की सूची सार्वजनिक किया गया है? एसआईआर का आडिट कराया जाएगा और अगर इस प्रक्रिया के कारण अगर कोई वास्तिवक मतदाता मताधिकार से वंचित होता है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? कांग्रेस ने चुनाव आयोग से देश में निष्पक्ष चुनाव और एसआईआर प्रक्रिया की पादर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।




