पोस्टमार्टम के बाद घंटों इंतजार, शव वाहन न आने पर बल्ली से बांधकर शव ले गए परिजन

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के मैनपुर क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली उजागर हुई है। बरदुला जंगल में मिले कमार जनजाति के सुमेर सिंह के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद तीन घंटे तक शव वाहन नहीं पहुंचा।
बरदुला जंगल में कमार जनजाति के सुमेर सिंह का शव मिला था। शव का पोस्टमार्टम किया गया, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद शव को ले जाने के लिए शव वाहन घंटों तक नहीं पहुंचा।
परिजन तीन घंटे तक शव वाहन का इंतजार करते रहे। इस दौरान शव वाहन के न पहुंचने से परिजनों की उम्मीद टूट गई।
थक हारकर परिजनों ने बांस की बल्ली और कपड़े के सहारे शव को बांधा। इसके बाद वे दुर्गम रास्तों से होकर अपने गांव बेहराडीह पहुंचे।
यह घटना मैनपुर क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को उजागर करती है। पोस्टमार्टम के बाद शव वाहन न पहुंचने के कारण परिजनों को शव को बल्ली से बांधकर दुर्गम रास्तों से ले जाना पड़ा।
बरदुला जंगल में मिले शव का पोस्टमार्टम होने के बाद तीन घंटे तक शव वाहन का इंतजार करना पड़ा। इस दौरान परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अंत में परिजनों ने बांस की बल्ली और कपड़े के सहारे शव बांधा और गांव बेहराडीह की ओर रवाना हुए। रास्ता दुर्गम था, फिर भी परिजन शव को लेकर अपने गांव पहुंचे।




